Sunday, May 24, 2009

महिला मीडिया और विकास

महिलाओं की स्थिति किसी भी समाज के विकास के लिए प्रगति का महत्वपूर्ण मानदंड होती है इसका कारण यह है की माँ बेटी बहन और बहु के रूप में महिलाएं परिवार की महत्वपूर्ण कड़ी होती है । भविष्य की पीडी जब कच्ची उम्र में होती है तो महिलाएं ही उनकी महत्वपूर्ण नींव का निर्माण करती है। इसलिए कहा जाता है कि अगर आप किसी पुरूष को पदाते है तो आप केवल एक व्यक्ति को पदाते है। लेकिन अगर आप एक महिला को शिक्षित बनाते है तो आप पूरे परिवार को शिक्षित बना रहे होते है। भारत में सदियों से महिलाओं की भूमिका में ब्यापक बदलाव आया है।
हमारे समाज में आज दहेज़ , ह्त्या , महिलाओं की छेड़छाड़ की आये दिन होने वाली घटनाएं एक ऐसी बिमारी के लक्षण है जो समाज में महिलाओं को उनका सही दर्जा नही मिलने के कारण उत्पन्न हुयी है।
सामाजिक परिवेश के तमाम पहलुओं के बारे में लोगो की धारणाओं को बदलने में मीडिया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है। अनेक समाज सुधारको ने महिलाओं की स्थिति को सुधारने हेतु अपने विचारो को जन सामान्य वर्ग तक पहुंचाने हेतु मीडिया का ही सहारा लिया जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं की स्थिति वर्तमान समय में काफी सुदृढ़ हो गई है।

18 comments:

  1. aap ka kahna achchha hai . aap mahila hai isliye to mahilaon ki baat karti hai.

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  2. mahilaon ne ghar ki dahleej ko langha hai aur pursho se kandh se kandh milaya hai. lekin abhi bahut kuchh baki hai. achchha likhi hai aap.

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  3. mahilayen kaha piche hai aur mahilawon ki tang bhi to mahila hi khichti hai ham to nahi

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  4. बहुत सही और सारगर्भित बात कही आपने -
    "अगर आप एक महिला को शिक्षित बनाते है तो आप
    पूरे परिवार को शिक्षित बना रहे होते है।"


    देखा जाए तो लोगों की सोच में अब काफी बदलाव
    आने लगा है ! लड़कियां अब हर क्षेत्र में पुरुष के
    साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं !

    अगर आप आज से २० वर्ष पहले का सोचिये और
    फिर उससे भी २० वर्ष पहले का सोचिये तो सुकून
    महसूस करेंगी ! परिवर्तन यूँ भी रातों रात नहीं होता !

    लिखते रहिये
    मेरी शुभकामनाएं !

    आज की आवाज

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  5. धीरे धीरे मिल रहा महिला को सम्मान।
    महिला को भी चाहिए रखें पुरुष का मान।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

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  6. आप से एक अनुरोध:
    नारी हैं इसलिए 'नारी विमर्श ' पर ही लिखना है, ऐसी कोई बात नहीं है.
    विविध प्रसंगों से इस विधा और हिन्दी को समृद्ध करें.

    ढेर सारी शुभकामनाएँ.

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  7. word verification हटा दें तो टिप्प्णकारों को सुविधा होगी.
    धन्यवाद्

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  8. dhnya ho
    jai ho
    bahut achhi post
    badhai

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  9. अच्छी बात। महिलायें समाज में सदैव उत्पादकता से जुड़ी रही हैं लेकिन उनके श्रम का पर्याप्त मूल्यांकन नहीं हुआ है। पुरुष घर से बाहर जितना कमाता है स्त्री घर के कार्यों को करके उससे कम मूल्य पैदा नहीं करती परंतु इस तरफ से समाज और मीडिया दोनो मौन हैं।
    शुभकामनायें

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  10. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  11. This comment has been removed by the author.

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  12. सही कहा आपने.....आभार

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  13. आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . लिखते रहिये
    चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है

    गार्गी

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  14. चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है अच्छे विचार हैं आपके। लिखते रहीये हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  15. महिलाओं की स्थिति में आज निश्चित रूप से बदलाव आया है।आज नारि अबला नहीं है। वह पुरुष मे साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर आगे बढ रही है। नारि को अबला क आभास केवल राजनीति की रोटियां सेकने वाले लोग ही करते हैंऔर हम उनकी बातों में आकर अपने आपको असहाय और पिछडा हुआ सोचने लगते हैं ।यदि आगे बढना है तो ्स्वय्म के बल पर ही हिम्मत करनी होगी।

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  16. अमित जी की टिप्पणी में समय को भी जोड लें...

    सुस्वागतम्...

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  17. apka blog padkar mujhe achchhaa laga. bahut bahut dhanyavaad.

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